उत्तरकाशी सुरंग, जिसे आधिकारिक तौर पर सिल्क्यारा-डंडालगाँव सुरंग (Silkyara-Dandalgaon Tunnel) कहा जाता है, भारत के उत्तराखंड राज्य के उत्तरकाशी जिले में स्थित है। यह सुरंग केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी ‘चारधाम ऑल वेदर रोड परियोजना’ (Chardham All-Weather Road Project) का एक अत्यंत महत्वपूर्ण हिस्सा है। यह उत्तरकाशी से यमुनोत्री धाम के रास्ते में स्थित है, जो तीर्थयात्रियों के सफर को आसान और छोटा बनाने के उद्देश्य से बनाई जा रही है।
यह सुरंग नवंबर 2023 में तब वैश्विक चर्चा का केंद्र बनी, जब इसके निर्माण के दौरान एक हिस्सा ढह जाने के कारण 41 श्रमिक अंदर फंस गए थे। उत्तराखंड के हिमालयी क्षेत्र की चुनौतीपूर्ण भौगोलिक परिस्थितियों के बीच चले 17 दिनों के महा-बचाव अभियान (Rescue Operation) के बाद सभी श्रमिकों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया था। इस घटना ने न केवल उत्तराखंड की पहाड़ियों की संवेदनशीलता को उजागर किया, बल्कि भारत के साहसी रेस्क्यू ऑपरेशंस की मिसाल भी पेश की।
भौगोलिक रूप से, यह सुरंग धरासू-यमुनोत्री राजमार्ग (NH-94) पर स्थित है। इसकी कुल लंबाई लगभग 4.5 किलोमीटर प्रस्तावित है। इस सुरंग के बन जाने से ऋषिकेश से यमुनोत्री के बीच की दूरी लगभग 20 किलोमीटर कम हो जाएगी और यात्रियों को भारी हिमपात व भूस्खलन के खतरे वाले रास्तों से नहीं गुजरना पड़ेगा। उत्तराखंड राज्य के विकास और पर्यटन की दृष्टि से यह सुरंग एक मील का पत्थर मानी जा रही है।
निष्कर्षतः, उत्तरकाशी की यह सिल्क्यारा सुरंग देवभूमि उत्तराखंड की प्रगति और चुनौतियों दोनों का प्रतीक है। यदि आप उत्तरकाशी की यात्रा पर हैं, तो यमुनोत्री की ओर जाते समय आप इस विशाल इंजीनियरिंग ढांचे को देख सकते हैं। यह स्थान अब न केवल एक निर्माण स्थल है, बल्कि उन 41 जांबाज श्रमिकों और बचाव दल की हिम्मत की कहानी भी कहता है।
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